मानव जीवन का सार सत्संग है भाई श्यामसुंदर पटेल …
संतों की महिमा भी भगवान के ही समान अनंत है भाई श्यामसुंदर पटेल ...


शिवरीनारायण – धर्म एवं आध्यात्म की नगरी शिवरीनारायण से उत्तर दिशा में लगभग चार- पांच किलोमीटर की दूरी पर राम मिलेंगे आश्रम, नारी शक्तिपीठ तेंदुआ //कुरयारी//स्थित है। इस आश्रम के संस्थापक प्रभु श्रीराम भगवान के प्यारे भक्त, जगत्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज के कृपापात्र शिष्य डॉः अशोक हरिवंश के इच्छानुसार दिनांक 4.10.2026 रविवार कोआश्रम में रामकथा सत्संग का आयोजन हुआ। इस आयोजन में भूतपूर्व विधायक अरुण कुमार मिश्रा कसडोल, सेठ निरंजनलाल अग्रवाल शिवरीनारायण , उपमन्यु वर्मा सेवानिवृत शिक्षक सेल, रंगनाथ यादव अतिथि शिक्षक महाविद्यालय बिलाईगढ़, भगतराम साहू शिक्षक मुड़पार, मोहन केवट नगरदा, नेहरू प्रधान सेवानिवृत व्याख्याता कुम्हारी, कृष्णा जायसवाल बेलटिकरी,डीपी साहू सेवानिवृत शिक्षक कोटियाडीह, कोमल साहू व्याख्याता, बिहारीलाल भारद्वाज सेवानिवृत्त शिक्षक, चितेश्वर वर्मा शिक्षक कसडोल, दिलीप साहू व्याख्याता हसुवा आदि ने उपस्थित होकर संत एवं सत्संग की महिमा पर भावपूर्ण ज्ञानमयी प्रवचन कर श्रोता समाज को आनंदित कर दिए ।दिलीप डडसेना गिरौदपुरी, जगन्नाथ देवांगन शिक्षक कटगी ने सुमधुर भजनों का गायन कर श्रोता समाज को भाव विभोर कर दिए। मंच का सफल संचालन गिरौदपुरी निवासी राधेलाल जायसवाल भूतपूर्व प्रभारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने किया।
ट्रांस महानदी क्षेत्र के प्रमुख रामायणी श्रीराधाकृष्ण मंदिर समिति शिवरीनारायण मरार समाज के प्रवक्ता नायब तहसीलदार बिलाईगढ़ जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़ न्यायालय के वाचक// प्रस्तुतकार//बांस उरकुली निवासी भाई श्याम सुंदर पटेल ने इस आयोजन में प्रवचन का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह मानव जीवन हम लोगों को अपना कल्याण करने के लिए भगवत्कृपा से मिला है। इस जीवन का सार सत्संग है। सत्संग के बिना विवेक की जागृति नहीं होती। बिना विवेक के व्यक्ति अविवेक मूलक कार्य कर डालता है जिससे व्यक्ति परिवार समाज देश दुनिया की हानि होती है। इसलिए व्यक्ति को साधु -संत अच्छे पुरुषों का संग करते रहना चाहिए। कथा- कीर्तन आदि में भाग लेते रहना चाहिए।
भाई श्यामसुंदर पटेल ने आगे और कहा कि भगवान की महिमा, उनके नाम रूप कथा अनंत है। इस विषय में श्रीरामचरितमानस में प्रातः स्मरणीय पूज्यपाद गोस्वामी तुलसीदासजी ने लिखे हैं कि- हरि अनंत हरि कथा अनंता। कहहिं सुनहिं बहु विधि सब संता ।।इसी तरह भगवत् प्राप्त संतों की महिमा भी अनंत है। उनकी महिमा का वर्णन नहीं किया जा सकता। हमारे इस महान देश भारत की पुण्य धरा पर सूर कबीर तुलसी मीरा नानक नरसी नरहरि गुरुगोविंद देव ज्ञानदेव सोपानदेव एकनाथ तुकाराम जनाबाई सहजोबाई सखूबाई आदि- आदि अनेक संत महात्मा हुए हैं। इनके चरित्रो का पठन- पाठन, चिंतन -मनन व्यक्ति को प्रतिदिन यथा समय करते रहना चाहिए। इससे मनुष्य को बहुत लाभ होता है।
कथा के अंत में आशीर्वचन के रूप में भूतपूर्व विधायक अरुण कुमार मिश्रा जी, सेठ निरंजनलाल अग्रवाल जी एवं आश्रम के संस्थापक परम पूज्यनीय डॉः अशोक हरिवंश ने भी श्रोताओं को संत सत्संग रामकथा की महिमा के बारे में बताए। डॉ अशोक हरिवंश ने भजन भी सुनाए एवं बताए कि यह आयोजन व्यापक रूप से प्रत्येक माह के प्रथम रविवार को इस आश्रम में होगा। अगले माह में 1 नवंबर को रविवार है। 1 नवंबर के आयोजन में प्रवचन का विषय छत्तीसगढ़ में राम पर होगा।



