प्रभु भक्ति निष्काम भाव से करें -भाई श्यामसुंदर पटेल…
कामना को लेकर किए गए भक्ति से कष्ट उठाना भी पड़ सकता है-भाई श्यामसुंदर पटेल...
बिलाईगढ़ –
विकासखंड कसडोल के ग्राम नरधा नया मोहल्ला भाठापारा में समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से नवधा रामायण जारी है। यह कथा दिनांक 6.11.2026 को पूर्णाहूती चढोत्री हवन सहस्त्रधारा के साथ विश्राम लेगी। आयोजन समिति के संरक्षक पुरुषोत्तम लाल पटेल मोहनदास मानिकपुरी, अध्यक्ष मनहरण लाल प्रधान, कोषाध्यक्ष देवप्रसाद प्रधान, संचालक खोलबहरा साहू गणेशराम पटेल अनिल कर्ष, व्यवस्थापक पुनाराम पटेल डमरू साहू सुरेश साहू समारू कैवर्त आदि ने बताये कि इस आयोजन में प्रथम पुरस्कार 15001/-रूपये द्भित्तीय 12001/- तृतीय 10001/- चतुर्थ 8001/- पंचम 5001/- षस्टम 3001/- सप्तम 2001/- रुपये रखा गया है। साथ ही सभी चयनित रामायण मंडली को 1001/-रूपये सांत्वना पुरस्कार एवं प्रत्येक मानस मंडली को 100/-रूपये अखंड नवधा रामायण समिति के द्वारा प्रदान किया जाएगा। इस आयोजन में मानसगान प्रतियोगिता 5/11/2026 गुरुवार को होगा। ग्रामवासियों के द्वारा अधिक से अधिक लोगों को आकर इस कथा से लाभ उठाने के लिए निवेदन किए हैं। इस आयोजन के मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर राजेश्री महंत रामसुंदरदास जी महाराज मठ मंदिर शिवरीनारायण होंगे। ब्यास पंडित मधुसूदन प्रसाद दुबे जी नगर पंचायत टुंडा वाले हैं।
ट्रांस महानदी क्षेत्र के प्रमुख रामायणी ग्राम बांस उरकुली निवासी भाई श्यामसुंदर पटेल ने भी इस आयोजन में उपस्थित होकर कथा सुनाया। उन्होंने अपने सारगर्भित प्रवचन में कहा कि हम लोगों को मानव जीवन मिला है तो भगवान की भक्ति अवश्य करना चाहिए। प्रभु भक्ति निष्काम भाव से करना चाहिए । निष्काम भाव से भक्ति करने पर व्यक्ति ज्यादा लाभ में रहता है क्योंकि भगवान सर्वज्ञ एवं अंतर्यामी है। हमारे लिए क्या उपयुक्त एवं लाभकारी होगा उन्हें भली प्रकार से ज्ञात है, बताने की आवश्यकता नहीं है ।जबकि मनुष्य अल्पज्ञ एवं अपने भविष्य के विषय में अनजान है ।इस कारण कामना से युक्त व्यक्ति ऐसी वस्तुएं भी मांग सकता है जो भविष्य में उसके लिए कष्टकारी हो। इस कारण सकाम भक्ति के बजाय निष्काम भक्ति व्यक्ति के लिए सदा शुभ एवं कल्याणकारी होता है ।इन बातों पर हम लोगों को ध्यान रखकर हमेशा भगवान की भक्ति निष्काम भाव से करना चाहिए।
इस आयोजन में ग्राम नरधा सहित आसपास के गांव में शांति एवं भक्ति का वातावरण निर्मित हो गया है। आसपास के ग्राम नवरंगपुर दर्री लिमतरी बरेली आदि से हजारों की संख्या में आकर लोग बाग इस आयोजन से कथा श्रवण कर लाभ उठा रहे हैं।



