स्वच्छता एवं प्रभु स्मरण नाम सुमिरन ,मानव जीवन के लक्ष्य प्राप्ति के लिए अत्यंत जरूरी – भाई श्यामसुंदरपटेल …
स्वच्छता एवं प्रभु स्मरण व्यक्ति एवं समाज दोनों के लिए आवश्यक है - भाई श्यामसुंदर पटेल ...

बिलाईगढ – विकासखंड बिलाईगढ़ के ग्राम खुसूला में ग्रामवासियों के द्वारा बजरंग चौक पुरानी बस्ती में आयोजित अखंड नवधा रामायण जारी है। यह कथा दिनांक 11 /11 /2026 बुधवार को पूर्णाहूती चढ़ोतरी हवन सहस्त्रधारा के साथ विश्राम लेगी। इस कथा में नगर पंचायत टुंडरा निवासी पंडित बबलू महाराज के द्वारा विधि विधान से यज्ञादिक कार्यों को संपन्न की जा रही है। इस कथा में फाइनल प्रतियोगिता दिनांक 10 /11/2026 मंगलवार को रात्रि 8:00 बजे से होगी। ग्राम के प्रमुख व्यक्तियों ने बताये कि इस प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 13001/- रुपये द्वितीय 10001/- तृतीय 7001/- चतुर्थ 5001/- पंचम 3501/- षष्ट 3001/- सप्तम 2501/- अष्टम 2001/- नवम 1551/-दशम 1501/- एकादश 1151/- द्वादश 1001/-त्रयोदश 701/- रुपये रखा गया है ।ग्रामवासियों के द्वारा इस आयोजन में अधिक से अधिक लोगों को उपस्थित होकर रामकथा गायन, श्रवण , कथन, दर्शन कर लाभ उठाने के लिए निवेदन किए हैं।
दिनांक 03/ 11 /2026 मंगलवार को सांध्यकालीन सत्र में ट्रांस महानदी क्षेत्र के प्रमुख रामायणी ग्राम बांसउरकुली निवासी भाई श्यामसुंदर पटेल ने भी कथा सुनाया ।उन्होंने कथा के द्वितीय दिवस शिव- पार्वती संवाद की कथा सुनाते हुए उपस्थित श्रोताओं से यह भी कहा कि मानव जीवन की लक्ष्य भगवत प्राप्ति के लिए स्वच्छता एवं प्रभु स्मरण //नाम सुमिरन //अत्यंत जरूरी है ।इसके बिना जीवन लक्ष्य की प्रति मनुष्य को हो ही नहीं सकती। वर्तमान समय में व्यक्ति व समाज के लिए इसकी आवश्यकता और बढ़ गई है ।स्वच्छता बाह्रय एवं
आंतरिक, व्यक्तिक एवं सामाजिक दोनों स्तर पर चाहिए ।व्यक्ति को शारीरिक स्वच्छता के लिए शरीर एवं अपने पहनावे की स्वच्छता पर ध्यान देना चाहिए। मानसिक स्वच्छता के लिए सद्ग्रंथो का अध्ययन, पठन-पाठन, सत्संग कथा कीर्तन कर राग -द्वेष, ईर्ष्या-जलन, काम, क्रोध, लोभ, मोह,दुर्गुण दुरविचारों से दूर रहने का प्रयास करना चाहिए। इन दोनों प्रकार की स्वच्छताओं के साथ-साथ व्यक्ति को अनावश्यक पदार्थ नशा मांस मद्य को उदरस्थ नहीं करना चाहिए। क्योंकि संत महापुरुष एवं हमारे शास्त्र बताते हैं कि प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में अंतर्यामी के रूप में प्रभु का निवास है ।हमें सुख- शांति की प्राप्ति किसी भी प्राणी को उनके इच्छा के विपरीत कष्ट पहुंचाकर अपनी कुइच्छा की पूर्ति करने पर कैसे प्राप्त हो सकती है। मानव जीवन की लक्ष्य प्राप्ति के लिए व्यक्ति को इसका गहराई से चिंतन मनन कर विचार करना चाहिए। वर्तमान कलयुग के समय में स्वच्छता एवं प्रभु के प्रति अहोभाव रखते हुए उनको याद करना, उनके नाम का जाप, सुमिरन करना व्यक्ति को अवश्य करना चाहिए।



