छत्तीसगढ़

लोकतंत्र का चौथा स्तंभ: पत्रकारिता निष्पक्ष , निर्भीक और स्वतंत्र हो…… तरुण खटकर…

रायपुर – आज विश्व पत्रकारिता स्वतंत्रता दिवस है, एक ऐसा दिन जो हमें लोकतंत्र में पत्रकारिता के महत्वपूर्ण योगदान की याद दिलाता है। यह दिन उन साहसी पत्रकारों को सम्मानित करने का भी अवसर है जो सच्चाई को सामने लाने और जनता को सूचित रखने के लिए अथक प्रयास करते हैं, अक्सर जोखिम उठाकर भी।

यह सर्वविदित है कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। जिस प्रकार एक इमारत को मजबूती से खड़े रहने के लिए चार मजबूत स्तंभों की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार एक स्वस्थ और जीवंत लोकतंत्र के लिए विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के साथ-साथ एक स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता का होना भी अत्यंत आवश्यक है।

पत्रकारिता वह दर्पण है जो समाज को उसकी वास्तविक तस्वीर दिखाता है। यह सरकार और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम करती है, जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाती है और सरकार की नीतियों और कार्यों से जनता को अवगत कराती है।
लोकतंत्र के लिए पत्रकारिता का निष्पक्ष और निर्भीक होना अनिवार्य है।

निष्पक्षता का अर्थ है बिना किसी पूर्वाग्रह या दबाव के तथ्यों को प्रस्तुत करना। जब पत्रकार किसी राजनीतिक दल, विचारधारा या व्यक्तिगत स्वार्थ से प्रभावित होकर खबरें देते हैं, तो जनता तक सही जानकारी नहीं पहुंच पाती और लोकतंत्र कमजोर होता है।

एक निष्पक्ष पत्रकार तथ्यों की गहराई तक जाता है, सभी पक्षों को सुनता है और सत्य को उजागर करने का प्रयास करता है।

इसी प्रकार, निर्भीकता पत्रकारिता का एक और महत्वपूर्ण पहलू है। एक निर्भीक पत्रकार किसी भी दबाव, धमकी या प्रलोभन के आगे झुके बिना सच्चाई को सामने लाने का साहस रखता है। वह शक्तिशाली लोगों और भ्रष्ट व्यवस्थाओं के खिलाफ आवाज उठाता है और जनता के हितों की रक्षा करता है। यदि पत्रकार डरकर या दबाव में आकर काम करेंगे, तो वे उन महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने से कतराएंगे जो लोकतंत्र के लिए आवश्यक हैं।

आज के चुनौतीपूर्ण समय में, जब सूचनाओं का अंबार है और फेक न्यूज़ का खतरा बढ़ गया है, निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। पत्रकारों को सत्य और असत्य के बीच अंतर करने और जनता को सही जानकारी देने की जिम्मेदारी पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।

विश्व पत्रकारिता स्वतंत्रता दिवस के इस पावन अवसर पर मैं आदरणीय पत्रकार गण रामाधार पटेल जी, आदरणीय नीरज बाजपेयी जी आदरणीय तारापरसवानी जी , आदरणीय गोल्डी नायक जी आदरणीय नीलकंठ खटकर जी, आदरणीय खोजन चन्द्रा जी, आदरणीय मोतीलाल बंजारे जी, आदरणीय अरविंद मिश्रा जी,आदरणीय संतोष साहु जी, आदरणीय सुनील साहु जी, आदरणीय विनोद केसरवानी जी आदरणीय रुपेश श्रीवास जी, आदरणीय प्रशांत राठौर जी, आदरणीय पुन्नुलाल बंजारे जी,आदरणीय सतीश रात्रे जी, आदरणीय गुलाब पड़वार जी, आदरणीय योगेश केशरवानी, आदरणीय राजेन्द्र घृतलहरे जी, आदरणीय करण साहु जी, आदरणीय संजय यादव जी, आदरणीय धनेश यादव जी, आदरणीय राजु निराला जी, आदरणीय राजेश मिश्रा जी, आदरणीय सहदेव सिदार जी, आदरणीय मदन खांडेकर जी, आदरणीय नीलकमल जी आदरणीय कैलाश जायसवाल जी, आदरणीय मियुरेश केसरवानी जी आप सभी पत्रकारों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूँ आपके साथ साथ देश -प्रदेश और विश्व के उन सभी आदरणीय पत्रकारों जो निष्ठा, ईमानदारी और साहस के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं। आपका सभी का काम लोकतंत्र को मजबूत बनाने और समाज को सही दिशा दिखाने में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

आइए, हम सब मिलकर ऐसी पत्रकारिता का समर्थन करें जो स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक हो, ताकि हमारा लोकतंत्र हमेशा जीवंत और मजबूत बना रहे।

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