छत्तीसगढ़

मितानिनों के माध्यम से कुष्ठ का सघन जांच और खोज अभियान जारी…

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से कुष्ठ भगाने की तैयारी...

सारंगढ़-बिलाईगढ़ – राज्य शासन के दिशा-निर्देश एवं कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे के मार्गदर्शन और सीएमएचओ डॉ. एफ आर निराला के मॉनिटरिंग पर जिले से कुष्ठ भगाने की तैयारी की गई है। इसके अंतर्गत कुष्ठ बीमारी की सघन जांच खोज अभियान जारी है। यह खोज अभियान 8 दिसंबर से प्रारंभ हुआ है। 8 से 13 दिसंबर तक कुल 6 दिनों में 203611 लोगों की जांच की जा चुकी है। इसमेंपाए गए 490 शंकाप्रद मरीज में से 168 का सत्यापन हो चुका है। अब तक के सत्यापन में कुल 16 नए कुष्ठ मरीज की पहचान की गई। इसमें 7 मरीज पीबी के है तथा 9 मरीज एमबी कैटिगरी हैं। इन सबका उपचार प्रारंभ हो चुका है।

मितानिन अपने पारा मोहल्ला के प्रत्येक घर में जाकर 2 वर्ष के बच्चे को छोड़कर अन्य सभी व्यक्ति की जांच कर रहे हैं। लक्षण के आधार पर शंकाप्रद मरीज को ढूंढ कर ऐसे व्यक्तियों की सूची तैयार कर रहे हैं। इस सूची को अपने एमटी, प्रभारी डॉक्टर आरएचओ या सीएचओ के माध्यम से प्रारंभिक जांच कर सूची को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में दे रहे हैं। मेडिकल ऑफिसर इन सूचीबद्ध मरीजों को बुला कर इसकी सत्यापन करेंगे। कुष्ठ की पुष्टि होने पर इनका पंजीयन किया जाएगा। दस्तावेजी कार्यवाही के बाद इनको सुपरवाइजरी डोस खिलाएंगे और उन्हें एमडीटी दवा देंगे। मरीज को अगली दवाई की स्ट्रिप उन्हें मितानिन के माध्यम से उन्हें अपने गांव में हो मिल जाती है। इसे सभी मरीजों को अच्छे काउंसलिंग करनी चाहिए। आम जनता से निवेदन है कि आप सभी अपनी जांच करा लीजिए।

*कुष्ठ का शंका कब करें*

कुष्ठ के लक्षणों में शरीर के किसी भी भाग के चमड़ी के रंग में बदलाव दाग जिसमे सुन्नपन हो, धब्बे में मोटापन एवं उभार हो, तेलिया चमकदार चेहरा हो चमड़ी में गठान हो, कान में मोटापन, गठानें, चेहरे में गठानें, आंख का बंद न होना, आंख से आंसू आना, भौहें का बाल का झड़ जाना, नाक का चिपटा एवं चिपका हुआ होना, शरीर के बाहर के नसें मोटा होना, कोहनी, घुटना एवं एडी में मामूली से लगने से ज्यादा दर्द का होना एवं झुनझुनी होना। दाग धब्बे की जगह पर ठंडे गरम का आभास न होना, हथेली में सुन्नपन का शिकायत, पैर में सुन्नपन का शिकायत, तलवे में बिना दर्द के घाव, घाव का न भरना, हाथ की उग़लियां मूड जाना, हाथ से किसी वस्तु को पकड़ न पाना, पकड़ ढीला होना शर्ट या जैकेट के बटन न लगा पाना, हाथ पैर में झुनझुनी का होना, हाथ के उंगली एवं पैर के अंगूठे में दर्द का होना। हाथ पैर में बिना दर्द के धावक होना, घाव का फट जाना, गडढा हो जाना, घाव का न भरना, पैर में कमजोरी का होना, पैर से चप्पल का निकल जाना और पता न चलना, हाथ एवं पैर का झूल जाना आदि शामिल है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Latest
न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बिलाईगढ़ में अपीलार्थी लालटू उर्फ संतोष के द्वारा फर्जी तरीके स... ट्रैफिक उल्लंघन करने वाले 13 प्रकरण में 39 सौ का जुर्माना... न्यायालय कलेक्टर सारंगढ़ में 24 मार्च को उपस्थिति के लिए शिवा साहू को अंतिम अवसर... न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बिलाईगढ़ में अपीलार्थी लालटू उर्फ संतोष के द्वारा फर्जी तरीके स... भारतीय जनता पार्टी अनुसुचित जाति मोर्चा सारंगढ़ बिलाईगढ की पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों का क... एनक्यूएएस राष्ट्रीय टीम द्वारा होगा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेडवन का मूल्यांकन... कलेक्टर डॉ कन्नौजे ने वनांचल ग्राम पिरदा के स्वास्थ्य केंद्र और छात्रावास का औचक निरीक्षण किया... कलेक्टर एसपी ने होली के पूर्व सारंगढ़ में निकाला फ्लैग मार्च... जिला टास्क फ़ोर्स ने कोसीर क्षेत्र में रेत के अवैध परिवहन कर रहे वाहनों पर किया कार्यवाही... किसानों को 28 फरवरी को मिलेगा धान का बोनस...