छत्तीसगढ़

खरसिया-परमालकसा रेल परियोजना: विकास का एक नया इंजन …..तरुण खटकर…

रायपुर – छत्तीसगढ़ भारत के हृदयस्थल में स्थित, अपनी समृद्ध खनिज संपदा और सांस्कृतिक विविधता के लिए जाना जाता है। इस प्रगतिशील राज्य में, विकास की गति को और तेज करने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी रेल परियोजना खरसिया से परमालकसा तक 615 किमी 8,741 करोड़ की लागत वाली इस रेल परियोजना को मंजूरी दी गई है रेल मार्ग में पड़ने वाले गांव आमगांव , काशीगढ, बेलकरी,बावनबोरी,कपीस्दा,कनकपूर,करनौद, पेड़ी, बार गांव,किरीद,खपरीडीह,तुलसी,खैरताल, गंगाजल,कटौद,तंदूवा,कोरयारी, बेल्हा,खरौद तिवारी पारा,देवरी लोहरसी,खोरसी,हडहा,तनौद,कमरीद,कोडाभाट,भुइगाव,चुरतेला,खरखौद,खैराडीह, सहसा, शुक्लाभाठा की जमीन खरीदी बिक्री पर रोक लगा दी गई है

खरसिया से परमालकसा रेल लाइन। यह स्वीकृत रेल मार्ग न केवल राज्य के पश्चिमी और मध्य भागों को जोड़ेगा, बल्कि यह आर्थिक विकास, सामाजिक एकीकरण और क्षेत्रीय समृद्धि के एक नए युग का सूत्रपात करेगा।
यह महत्वाकांक्षी रेल परियोजना रायगढ़ जिले के खरसिया से शुरू होकर सक्ती, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, नया रायपुर (अटल नगर), दुर्ग और अंततः राजनांदगांव जिले के परमालकसा तक विस्तृत होगी।

इस मार्ग पर पड़ने वाले प्रत्येक जिले का अपना विशिष्ट महत्व है। रायगढ़ और जांजगीर-चांपा औद्योगिक और कृषि गतिविधियों के केंद्र हैं, जबकि बलौदाबाजार में सीमेंट उद्योग और दुर्ग में शहरी और व्यापारिक केंद्र हैं। नया रायपुर, राज्य की नई राजधानी होने के नाते, प्रशासनिक और आर्थिक गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र है। राजनांदगांव, अपनी सांस्कृतिक विरासत और कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था के साथ, इस रेल लाइन के माध्यम से विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है।

खरसिया-परमालकसा रेल परियोजना के कई महत्वपूर्ण लाभ हैं। सबसे पहले, यह क्षेत्र में माल और यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाएगी। कोयला, सीमेंट,इस्पात, कृषि उत्पाद और अन्य औद्योगिक वस्तुओं का परिवहन अधिक कुशल और लागत प्रभावी होगा, जिससे इन क्षेत्रों में व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। दूसरा, यह परियोजना इन क्षेत्रों के लोगों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और रोजगार के अवसरों तक उनकी पहुंच बढ़ेगी। नया रायपुर जैसे प्रमुख केंद्रों से जुड़ने के कारण, लोगों के लिए प्रशासनिक और व्यावसायिक कार्यों के लिए यात्रा करना आसान हो जाएगा।

इसके अतिरिक्त, यह रेल लाइन पर्यटन को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को देखने के इच्छुक पर्यटकों के लिए इन क्षेत्रों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

खरसिया-परमालकसा रेल परियोजना छत्तीसगढ़ के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल राज्य के विभिन्न महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ेगी, बल्कि यह आर्थिक समृद्धि, सामाजिक प्रगति और पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण योगदान देगी। इस परियोजना के पूरा होने से छत्तीसगढ़ के लोगों के जीवन में एक सकारात्मक और परिवर्तनकारी बदलाव आएगा, जिससे विकास के एक नए अध्याय की शुरुआत होगी। यह परियोजना वास्तव में “विकास का एक नया अध्याय” लिखने की क्षमता रखती है।

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