छत्तीसगढ़

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलाईगढ़ में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत POD कैंप एवं कुष्ठ निवारण दिवस का आयोजन…

बिलाईगढ़- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलाईगढ़ में जिलाधीश धर्मेश साहू एवं मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी एफ आर निराला के दिशा निर्देश में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलाईगढ़ में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम (National Leprosy Eradication Programme – NLEP) के तहत एक विशेष POD (प्रिवेंशन ऑफ डिसेबिलिटी) कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप का मुख्य उद्देश्य कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना, रोग की शीघ्र पहचान करना और इससे होने वाली विकलांगता को रोकना था। साथ ही, आज कुष्ठ निवारण दिवस (Leprosy Prevention Day) के रूप में भी मनाया गया, जिसमें समुदाय को कुष्ठ रोग के प्रति संवेदनशील बनाने और इसके उन्मूलन के लिए प्रयासों को तेज करने पर जोर दिया गया।
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर पुष्पेंद्र कुमार वैष्णव ने बताया कि कुष्ठ रोग एक पूरी तरह से इलाज योग्य बीमारी है, लेकिन इसके प्रति लोगों में जागरूकता की कमी और सामाजिक कलंक के कारण अक्सर मरीज समय पर इलाज नहीं करा पाते। उन्होंने कहा कि POD कैंप के माध्यम से न केवल रोग की पहचान की जाती है, बल्कि मरीजों को उचित दवाएं और फिजियोथेरेपी भी प्रदान की जाती है ताकि विकलांगता को रोका जा सके।
कुष्ठ रोग के खिलाफ लड़ाई में समुदाय की सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे कुष्ठ रोग के लक्षणों को पहचानें और तुरंत स्वास्थ्य केंद्रों पर जाएं।कुष्ठ रोग के खिलाफ लड़ाई में हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। आइए, हम सब मिलकर इस बीमारी को जड़ से खत्म करने का संकल्प लें और एक स्वस्थ समाज का निर्माण करें।
कार्यक्रम के दौरान 90 से 100लोगों की जांच की गई, जिनमें से 18मरीजों को कुष्ठ रोग की पुष्टि हुई। इन मरीजों को तुरंत उपचार शुरू कर दिया गया और उन्हें नियमित फॉलो-अप के लिए प्रोत्साहित किया गया। साथ ही, लोगों को कुष्ठ रोग के बारे में जानकारी देने के लिए पम्फलेट और पोस्टर भी वितरित किए गए।
कुष्ठ निवारण दिवस के अवसर पर एक रैली का भी आयोजन किया गया, जिसमें स्कूली बच्चों, स्वास्थ्य कर्मियों और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रैली का उद्देश्य कुष्ठ रोग के प्रति समाज में फैली गलतफहमियों को दूर करना और इसके उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना था।इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में स्वास्थ्य विभाग का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उम्मीद की जा रही है कि इस तरह के प्रयासों से कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और इसके उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकेगा।

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