छत्तीसगढ़

कुष्ठ, टीबी और हाथी पांव बीमारी से मुक्त करने के लिए सीएमएचओ डॉ निराला ने बैठक ली…

स्वास्थ्यकर्मियों ने सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले को कुष्ठ, टीबी और हाथी पांव बीमारी से मुक्त करने लिया संकल्प...

सारंगढ़ बिलाईगढ़ – सीएमएचओ डॉक्टर एफ आर निराला की अध्यक्षता में जिले के 70 मितानिन ट्रेनर, स्वस्थ पंचायत समन्वयक, जिला और ब्लॉक समन्वयक की बैठक कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित किया गया। इसमें छूटे व्यक्तियों का आयुष्मान कार्ड बनाने, हाथी पांव (फाइलेरिया) बीमारी के दवा सेवन के साथ-साथ टीबी जांच और निक्षय मित्र बनाने के संबंध में दिशा निर्देश दिए गए।इस अवसर पर आयुष्मान के जिला नोडल अधिकारी डॉ रूपेंद्र साहू और रोशन सचदेवा उपस्थित थे। इस अवसर पर डॉक्टर निराला ने कहा कि फाइलेरिया की दवा को अपने सामने खिलाएं, उन्हें दवा देकर छोड़ना नहीं है। उन्होंने प्रमुखता से कहा कि हाथी पांव (फाइलेरिया) बीमारी का कोई उपचार नहीं है, बीमारी से बचने के लिए सभी व्यक्ति जरूर दवा खाएं, यही बचने का उपाय है।

उन्होंने कहा कि हमें अपने जिले के गांव शहर सभी को कुष्ठ और हाथीपांव जैसे बीमारियों से मुक्त करना है। इस अवसर पर सभी ने कुष्ठ और फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि टीबी की बीमार व्यक्ति को दवा खाने के नाम से ₹1000 दिया जाता है और दवा खिलाने में सहयोग करने वाले उसके घर वालों को ₹250 दिया जाता है। अब तक कितने ऐसे टीबी बीमार व्यक्ति को उनके खाते में ₹1000 दिया जा चुका है और₹250 उनके परिजन को भी दिया जा चुका है उसकी जानकारी प्रस्तुत करें। इसके साथ-साथ उन्होंने जिले में सभी 1408 मितानिन को कहा कि लोगों को बताएं कि सरकार टीबी की दवा खाने और खिलाने पर एक हजार और 250 रुपए देती है। इससे दवा खाने से बीमारी खत्म होता है साथ में रुपए भी मिलता है। टीबी बीमारी जेनेटिक, वंशानुगत बीमारी नहीं है इसे खत्म किया जा सकता है। कुष्ठ प्रभावित क्षेत्र का सर्वे जांच किया जाए। कुष्ठ बीमार व्यक्ति के साथ-साथ परिवार, पड़ोस और संपर्क में आए लोगों का जांच कराया जाए, सभी को दवा खिलाई जाए। उन्होंने बताया कि रिफ़ाम्पिसिन दवा को वजन के हिसाब से खिलाना है। इस गोली को खाने के बाद पेशाब का रंग लाल हो जाता है। पेशाब का रंग लाल हो जाने से कोई व्यक्ति से घबराएं नहीं।

सीएमएचओ डॉ निराला ने कहा कि अपने-अपने क्षेत्र में निक्षय मित्र बनाएं, चाहे वह कोई नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधि हो या शिक्षक या कोई अन्य व्यापारी जो टीबी बीमार व्यक्ति को पोषण आहार देने में मदद करें। उन्होंने कहा कि छूटे हुए लोगों को आयुष्मान कार्ड बनाया जाए। आयुष्मान कार्ड से पांच लाख रुपए तक का इलाज निशुल्क करा सकते हैं। साथ ही 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों का आयुष्मान वय
वंदना कार्ड बनाया जाए। इस आयुष्मान कार्ड से भी अतिरिक्त पांच लाख रुपए तक का इलाज निशुल्क करा सकते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Latest
कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने जिला अधिकारियों के बीच नए सिरे से किया कार्यविभाजन... लक्ष्मीनारायण पटेल होंगे सारंगढ़-बिलाईगढ़ के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी... मेहनत को बनाया हुनर, हुनर को बनाया रोजगार और रोजगार से बनीं ‘लखपति दीदी... गंगरेल बांध के नौ गेट खुलने से महानदी का जलस्तर बढ़ा, जिला प्रशासन अलर्ट... जगदलपुर में ऐतिहासिक रैली कर ज्ञापन सौपने के बाद माँ दन्तेश्वरी माई के दरबार मे माथा टेकेंगे प्रदेश ... शिक्षक दिवस पर राजभवन में सारंगढ़-बिलाईगढ़ की शिक्षिका प्रियंका गोस्वामी सम्मानित... कच्ची छत से पक्के आशियाने तक पहुंचा परिवार, प्रधानमंत्री आवास ने बदली सहोदरा की जिंदगी... सारंगढ़-बिलाईगढ़ में गुलाब कुमार ने संभाला जिला जनसंपर्क अधिकारी का दायित्व... लक्ष्मी को वरन करके लाना चाहिए हरण करके नहीं-- भाई श्यामसुंदर पटेल... मां दन्तेश्वरी के साथ रथ पर पुनः आसीन होंगे बस्तर महाराजा श्री कमलचंद्र भंजदेव : कृष्ण चरण पटेल...