छत्तीसगढ़

आपरेशन सिंदूर…

सोशल एक्टिविस्ट तरुण खटकर की कलम से

नई दिल्ली/रायपुर – आतंकवाद मानवता के लिए एक गंभीर खतरा है, और भारत लंबे समय से सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद का शिकार रहा है।

22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए बर्बर आतंकी हमले, जिसमें 26 निर्दोष लोग मारे गए, ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस कायराना हरकत का जवाब देने के लिए, भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया, जो आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ संकल्प और अदम्य साहस का प्रतीक है।
ऑपरेशन सिंदूर, जिसका नाम विवाहित हिंदू महिलाओं द्वारा माथे और बालों में लगाए जाने वाले लाल सिंदूर से लिया गया है, उन पत्नियों को श्रद्धांजलि है जिन्होंने अपने पतियों को अपनी आँखों के सामने खो दिया। यह ऑपरेशन भारतीय सेना के शौर्य और आतंकवादियों को उनके किए की सजा देने के दृढ़ संकल्प का प्रमाण है।

7 मई, 2025 की सुबह, भारतीय सेना ने एक समन्वित और सटीक सैन्य कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया। यह ऑपरेशन भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना का एक संयुक्त अभियान था, जिसमें विशेष रूप से चिन्हित लक्ष्यों पर अचूक हमले किए गए।
सेना द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बयान के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को न्याय दिलाना और सीमा पार से संचालित हो रहे आतंकी ढांचे को नष्ट करना था।

इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने यह स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर एक गैर-आक्रामक कार्रवाई थी, जिसमें पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुँचाया गया। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने अत्यधिक संयम का परिचय देते हुए केवल आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया और यह सुनिश्चित किया कि किसी भी आम पाकिस्तानी नागरिक को कोई हानि न हो।

ऑपरेशन सिंदूर से भारतीय सेना ने सटीक मिसाइल हमलों का उपयोग करते हुए दुश्मन के ठिकानों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया, जिससे आतंकवादियों को भारी क्षति हुई। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस ऑपरेशन से आतंकी संगठनों की संचालन क्षमता को काफी हद तक कमजोर कर दिया गया।

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता न केवल पहलगाम के पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित करता है, बल्कि यह आतंकवादियों और उनके समर्थकों को भी एक स्पष्ट संदेश देता है कि भारत अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।

पूरे देश ने एक स्वर में भारतीय सेना के इस शौर्यपूर्ण कार्य की सराहना की है। राजनीतिक दलों से लेकर आम नागरिकों तक, सभी ने सेना के पराक्रम और आतंकवाद के खिलाफ उनकी दृढ़ता की प्रशंसा की है। ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना के शौर्य गाथा में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ता है और यह दिखाता है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमेशा अडिग रहेगा।

यह ऑपरेशन उन सभी वीर जवानों को समर्पित है जो देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना के अदम्य साहस और शौर्य का एक जीवंत उदाहरण है, जो आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करता रहेगा।

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