छत्तीसगढ़

ग्राम देवरहा में योग जागरूकता योग शिविर 21 जून को हुआ संपन्न…

बिलाईगढ़-स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने और ग्रामीण जनसंख्या में योग के महत्व को रेखांकित करने के उद्देश्य से ग्राम देवरहा में एक विशेष योग प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। यह शिविर 17 जून से प्रारंभ हुआ है जो 21 जून 2025 तक आयोजित किया गया था।आयोजन का नेतृत्व जिला आयुष अधिकारी बलौदाबाजार डॉ. गोदावरी पैकरा तथा आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. अर्चना खटी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। शिविर में योग प्रशिक्षक व्यास नारायण चौहान ग्रामीणों को योग की बारीकियों से अवगत करा रहे हैं।
*योग शिविर का उद्देश्य: स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता*
इस पांच दिवसीय शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण जनमानस को योगाभ्यास के माध्यम से शारीरिक, मानसिक व आत्मिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। वर्तमान समय में अनियमित जीवनशैली, मानसिक तनाव और शारीरिक निष्क्रियता ने आम जनजीवन को अनेक बीमारियों की ओर धकेल दिया है। ऐसी स्थिति में योग न केवल रोगों से लड़ने में सहायक है, बल्कि यह व्यक्ति को एक समग्र और संतुलित जीवन की ओर प्रेरित करता है।
योग प्रशिक्षक व्यास नारायण चौहान प्रतिदिन सुबह 6 बजे से 8 बजे तक योगाभ्यास का सत्र आयोजित कर रहे हैं। इस सत्र में सूर्य नमस्कार, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, कपालभाति, ताड़ासन, भुजंगासन, वृक्षासन जैसे महत्वपूर्ण योगासनों का अभ्यास कराया जा रहा है। प्रत्येक योगासन के साथ उसके लाभ, सही तकनीक और सावधानियों की विस्तृत जानकारी भी दी जा रही है।
साथ ही, प्रशिक्षण के दौरान ध्यान एवं प्राणायाम पर विशेष जोर दिया गया है ताकि प्रतिभागियों को मानसिक तनाव, अनिद्रा, चिंता जैसी समस्याओं से निजात दिलाई जा सके।
*महिलाओं और छात्राओं की बढ़ती भागीदारी*
शिविर में गांव की गृहिणियां, छात्र-छात्राएं इस योगाभ्यास में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। महिला प्रतिभागी गीता बाई कहती हैं, “पहले तो हम योग को सिर्फ शहरों की चीज़ समझते थे, लेकिन अब यहां खुद सीखकर समझ में आ रहा है कि यह हमारे जीवन के लिए कितना ज़रूरी है।”
एक अन्य युवा प्रतिभागी सुमन यादव ने कहा, “शिविर के पहले दिन ही मुझे शरीर में हलकापन महसूस हुआ। अब मैं नियमित योग करने का संकल्प ले रहा हूं।”
*शिविर का समापन 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर*

यह योग प्रशिक्षण शिविर 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम के साथ संपन्न होगा। समापन समारोह में सामूहिक योग प्रदर्शन, जागरूकता रैली, ग्रामीणों के अनुभव साझा करने का सत्र और प्रमाण-पत्र वितरण जैसी गतिविधियाँ प्रस्तावित हैं।
*स्थानीय स्तर पर सहयोग और समर्पण*
इस शिविर के आयोजन में ग्राम पंचायत देवरहा, स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कर्मचारी, स्कूल शिक्षकों एवं ग्रामीण स्वंयसेवकों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा है। ग्राम सरपंच नंदिनी कैवर्त ने अपने संबोधन में कहा, “योग न केवल स्वास्थ्य लाभ देता है, बल्कि यह गांव में एक सकारात्मक वातावरण का निर्माण करता है। हम भविष्य में भी ऐसे आयोजन करवाते रहेंगे।”
*शिविर का संभावित प्रभाव*

यह योग शिविर न केवल स्वास्थ्य लाभ देगा, बल्कि इससे ग्रामीणों में आत्मविश्वास, अनुशासन और सामूहिकता की भावना भी उत्पन्न होगी। गांव में अब नियमित योग सत्र आयोजित करने की योजना बन रही है।
डॉ. गोदावरी पैकरा ने कहा, “हमारा प्रयास है कि हर गांव में योग की नींव रखी जाए। यह केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि जीवनशैली है। यदि गांव के लोग योग से जुड़ते हैं तो भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं पर भी बोझ कम होगा।”

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