छत्तीसगढ़

ग्राम बेल्हा के निवासी ने कलेक्टर को सौंपी शिकायत, जन्मस्थान-जाति व मूल निवास की जांच की मांग…

बिलाईगढ़ – जिले की बिलाईगढ़ तहसील के ग्राम बेल्हा में निवास कर रहे दो व्यक्तियों लालटू उर्फ संतोष और नीरा बाई पति स्वर्गीय नटवर के संदर्भ में गांव के ही निवासी खोझन प्रसाद चन्द्रा द्वारा कलेक्टर को एक लिखित शिकायत सौंपी गई है। आवेदक ने प्रशासन से इन व्यक्तियों के जन्मस्थान, जाति, वंश-वृक्ष और मूल निवास की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराए जाने की मांग की है।
आवेदक के अनुसार, उक्त दोनों व्यक्ति कई वर्षों से गांव में रह रहे हैं और उनका कहना है कि वे मूल रूप से कोलकाता से आए हैं। शिकायत पत्र में आवेदक ने यह भी उल्लेख किया है कि गांव में इनके निवास और पहचान को लेकर संदेह की स्थिति बनी हुई है, जिसके कारण स्पष्ट जानकारी के लिए प्रशासनिक जांच आवश्यक है।
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में कुछ व्यक्तिगत आशंकाएँ भी व्यक्त की हैं, जिनमें खान-पान से जुड़ी बातें और उनकी पहचान को लेकर संदेह शामिल है। हालांकि, प्रशासनिक दृष्टि से ऐसे आरोपों की सत्यता केवल जांच से ही तय हो सकती है। समाचार संस्था यह स्पष्ट करती है कि शिकायत में दर्ज कोई भी आरोप स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं किए गए हैं; वे केवल आवेदक द्वारा दिए गए कथन हैं, जिन्हें प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत ही सत्यापित किया जा सकता है।
आवेदक खोझन प्रसाद चन्द्रा ने यह मांग की है कि मामले की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच कर यह पता लगाया जाए कि संबंधित व्यक्तियों का वास्तविक जन्मस्थान क्या है, उनकी जाति और वंश-वृक्ष संबंधी जानकारी क्या है, तथा उनका मूल निवास किस जिले या राज्य में स्थित है।
शिकायत पत्र के साथ विशेष ग्राम सभा की कार्यवाही रजिस्टर तथा उपस्थिति पंजी की प्रतियां भी प्रशासन को सौंपी गई हैं। आवेदक का कहना है कि ग्राम सभा में भी इस विषय पर चर्चा की गई थी, जिसके आधार पर उन्होंने आगे की कार्रवाई हेतु प्रकरण को कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत किया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, ऐसे मामलों में प्राथमिक जांच आम तौर पर स्थानीय तहसील स्तर से शुरू की जाती है, जिसमें राशन कार्ड, पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाती प्रमाण पत्र ,मतदाता सूची सहित विभिन्न दस्तावेजों की जांच की जाती है। आवश्यक होने पर पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम भी जांच में शामिल की जाती है।
जिला प्रशासन द्वारा फिलहाल इस शिकायत पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है, लेकिन सामान्य प्रक्रिया के अनुसार शिकायत का परीक्षण कर आगे की कार्रवाई निर्धारित की जाएगी। गांव के कई निवासियों का कहना है कि यदि प्रशासन वस्तुस्थिति स्पष्ट कर दे, तो गांव में फैली आशंकाओं और अफवाहों पर भी विराम लगेगा।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं।

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