स्थानीय निर्वाचन अधिकारी द्वारा सीईओ को शिकायत जाँच हेतु दिया निर्देश…
कलेक्टर जनदर्शन में किया गया था शिकायत















सारंगढ़–बिलाईगढ़-जनपद पंचायत बिलाईगढ़ के अंतर्गत ग्राम पंचायत नावापारा में त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2025 से पूर्व व्यय की गई राशि एवं भुगतान की प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों ने अब प्रशासनिक स्तर पर नई हलचल मचा दी है। शिकायतकर्ता द्वारा कलेक्टर जनदर्शन में प्रस्तुत आवेदन के आधार पर जिला स्थानीय निर्वाचन अधिकारी एवं अपर कलेक्टर सारंगढ़ ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जनपद पंचायत बिलाईगढ़ को जांच एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया है। इससे संबंधित पत्र की प्रति शिकायतकर्ता को भी सूचनाार्थ प्रदान की गई है।
कलेक्टर जनदर्शन में दर्ज हुई थी शिकायत…
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन क्रमांक 2310125002297 के माध्यम से ग्राम पंचायत नावापारा के पूर्व सरपंच एवं वर्तमान पंचायत सचिव गौरीलाल निराला पर गंभीर आरोप लगाए थे।
शिकायत में उल्लेख किया गया था कि त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2025 के दौरान आर्दश आचार संहिता के समय 4,83,100 रुपये की राशि का भुगतान किया गया, जो संदिग्ध प्रतीत होता है। शिकायतकर्ता ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की थी।
अपर कलेक्टर ने दिया जांच का निर्देश…
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जिला स्थानीय निर्वाचन अधिकारी एवं अपर कलेक्टर सारंगढ़ ने पत्र क्रमांक/शिकायत/2025/706 दिनांक 13/11/2025 द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बिलाईगढ़ को पूरे प्रकरण की जांच कर उचित कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा है।
पत्र में यह भी उल्लेखित है कि पंचायत सचिव गौरीलाल निराला ने अपने जवाब में स्पष्ट किया है कि:
शिकायत में वर्णित कार्य निर्वाचन के पूर्व संपादित किए गए थे।
संबंधित भुगतान विधिवत प्रक्रिया के तहत किया गया है।
अपने दावे के समर्थन में उन्होंने पंचायत प्रस्ताव, कैशबुक और बिल-वाउचर की प्रतियां प्रस्तुत की हैं।
अधिकारी द्वारा कहा गया है कि चूंकि यह पूरा विषय सीईओ जनपद पंचायत बिलाईगढ़ के क्षेत्राधिकार में आता है, इसलिए वे सभी दस्तावेजों का परीक्षण कर आवश्यक निर्णय लें तथा आवेदक को भी जांच के परिणाम से अवगत कराएं।
शिकायतकर्ता को भेजी गई पत्र की प्रति…
अपर कलेक्टर द्वारा जारी आदेश की प्रति क्रमांक/शिकायत/2025/706A शिकायतकर्ता को सूचनार्थ भेजी गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन इस प्रकरण को गंभीरता से ले रहा है। अब शिकायतकर्ता तथा ग्रामीणों की नजरें पूरी तरह सीईओ जनपद पंचायत बिलाईगढ़ पर टिकी हुई हैं कि वह इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं।
क्या होगी आगे की कार्रवाई?…
ग्राम पंचायत स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों में सामान्यत: निम्न प्रकार की कार्यवाही की संभावना रहती है-
दस्तावेजों का बिंदुवार परीक्षण
भुगतान की तिथि, स्वीकृति, लेखांकन रिकॉर्ड की जांच
आवश्यकता पड़ने पर स्थल निरीक्षण
दोषी पाए जाने पर सचिव एवं पूर्व सरपंच के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई
प्रकरण अत्यधिक गंभीर होने पर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजना
इसलिए यह देखने वाली बात होगी कि सीईओ जनपद पंचायत बिलाईगढ़ दस्तावेजों और शिकायत में किए गए आरोपों के आधार पर क्या निष्कर्ष निकालते हैं।
ग्रामीणों की बढ़ी उत्सुकता…
नावापारा ग्राम पंचायत में पिछले कुछ समय से पंचायत कार्यों एवं भुगतान को लेकर चर्चाएं उठती रही हैं। शिकायत कलेक्टर जनदर्शन तक पहुंचने के बाद अब गांव के लोगों में उत्सुकता बढ़ गई है कि जांच के बाद वास्तविक स्थिति क्या सामने आएगी।
ग्राम पंचायत स्तर पर वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर शिकायतकर्ता द्वारा उठाया गया मामला अब आधिकारिक जांच के चरण में प्रवेश कर चुका है। अपर कलेक्टर द्वारा दिए गए निर्देश के बाद अब पूरी जिम्मेदारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बिलाईगढ़ पर है कि वे सभी तथ्यों का परीक्षण कर उचित एवं निष्पक्ष कार्यवाही करें।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पंचायत सचिव गौरीलाल निराला और पूर्व सरपंच के विरुद्ध प्रशासन क्या रुख अपनाता है,क्या उन्हें क्लीन चिट मिलती है या अनियमितताओं की पुष्टि होने पर कार्रवाई होती है।
फिलहाल, पूरा क्षेत्र सीईओ की आगामी रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहा है।




